भगवान का शुक्रिया करना चाहता हूं जिसने मुझे मुश्किल में डाला, दूसरा उन लोगों का थैंक्स करना चाहता हूं जिन्होंने मेरी आर्थिक स्थिति देखकर मुझसे मुंह मोड़ लिया…आज इन सब चीजों की वजह से मैं उस मुकाम पर हूं जहां पर खुशी भी है और अपना बिजनेस भी अच्छा चल रहा है। ये कहना है मूलरूप से आगरा के रहने वाले वीर सिंह का।

26 साल के वीर की कहानी हौसला बढ़ाने वाली
26 साल के वीर एक योद्धा हैं। कहानी ऐसी कि पढ़ते ही आपका हौसला बढ़ जाएगा और हिम्मत को बूस्टर डोज मिल जाएगी। बताते हैं कि कोरोना काल में बैंक ने प्रेशर बनाया। लॉकडाउन में टारगेट पूरा करने को कहा। ये सब नहीं हुआ तो काम से हाथ धोना पड़ा। बड़ा मुश्किल था ये सहन करना कि अब जॉब नहीं है। 2021 में दूसरी लहर के दौरान आगरा के कमला नगर में लोन लेकर मिल्क शॉप खोली। मार ऐसी पड़ी की ईएमआई नहीं निकाल पाया। सर पर कर्ज बढ़ता गया और बैंक वाले कॉल पर कॉल करते रहे। एक तरफ भयानक खबरें, दूसरी तरफ मेरा हाल एक मरीज जैसा हो गया था। अंदर से टूट चुका था। मुझे ऐसा लग रहा था कि सब खत्म हो गया है, अब मैं जिंदा नहीं रह पाऊंगा। मैं डिप्रेशन का शिकार हो रहा था|

6 महीने तक कई राज्यों की यात्रा की
वीर बताते हैं कि उन्होंने मार्केटिंग में एमबीए किया है। पहली नौकरी बैंक की थी। वहां से जो मार्केट का एक्सपीरियंस मिला शायद आज उसी की वजह से बच गया हूं। वीर बताते हैं कि हर तरफ नेगेटिविटी थी। फिर दोस्तों ने कहा, ट्रैवलिंग कर लो मूड सही हो जएगा। हर तरफ से अपने को घिरा हुआ देखते हुए मैं सोलो ट्रिप पर निकल गया। पैसे थे नहीं। कभी पैदल चला तो कभी ट्रक वालों से लिफ्ट लेकर घूमता रहा। 6 महीने में कई राज्यों का सफर किया। फिर समझ आया कि घूमने से पैसे नहीं कमाए जा सकते। वापस लौटा। सबसे बड़े भैया जसवंत सिंह तोमर जो दिल्ली में हैं उन्होंने हिम्मत बढ़ाई, हौसला दिया और खूब समझाया। ईस्ट दिल्ली पहुंच गया। यहां मार्केटिंग का फंडा सोशल मीडिया ऑप्टेमाइजेशन कर इलाके को समझा। राजपूत होते हुए सरदार जी लस्सी वाला नाम से कान्ति नगर मेन रोड पर दुकान खोली। रोजाना सुबह 5 बजे उठता हूं। अब काम में मन लगने लगा है। अच्छे दिन लौट आए हैं। ये सिर्फ हुआ मेहनत और अपनों के साथ से। वरना एक टाइम ऐसा था कि कोई बात नहीं कर रहा था। आज सबको गलत साबित कर दिया है। दिल में उनके लिए कुछ नहीं है लेकिन याद सबकुछ है।

दुकान के नाम से हुआ फायदा
वीर बताते हैं कि दुकान के नाम ने काफी फायदा पहुंचाया है। सरदार जी नाम रखकर क्वॉलिटी पर बिलकुल समझौता नहीं होता है। रोजाना फ्रेश लस्सी बनती है और दूर-दूर से लोग अब हमारी लस्सी पीने आते हैं। वीर कहते हैं कि जब टाइम गलत आए तो डरें नहीं, मौका तलाशें। अपने आप को समझें और काम करें। वीरे बताते हैं कि आज मैं सैलरी से 10 टाइम ज्यादा कमा रहा हूं। अब मेरी लस्सी की शॉप बहुत अच्छी चल रही है मुनाफा भी बहुत हो रहा है। मैंने रोजगार के मौके भी दिए हैं। मैं अपने भाई को दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं जिन्होंने मेरी मुश्किल घड़ी में मेरा साथ दिया। थैंक यू सो मच भाई आई लव यू…।

7 Replies to “वीर सिंह की कहानी :- नौकरी गई, काम ठप, आज 10 गुना कमाई, वीर सिंह की कहानी ऐसी कि हिम्मत की बूस्टर डोज मिल जाएगी”

  1. Pingback: web link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *